प्रदेश भर में पीस पार्टी का मुस्लिम आरक्षण के लिए एकदिवसीय भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन

0
60

भारत में एक बड़ी तादाद मुसलमानो की हैं सरकारी आंकड़ों के मुताबिक़ यहां मुसलमानों की जनसंख्या 14 फीसदी है लेकिन कई लोग यह मानते हैं कि मुसलमानों की संख्या 15 से 18 फीसदी के बीच है भारत में रहने वाले मुसलमानों की 52.13 फीसदी आबादी स़िर्फ उत्तर प्रदेश बिहार और बंगाल में ही सीमित है 2019 में लोकसभा का चुनाव होने वाले हैं इसलिए मुस्लिम आरक्षण का मामला एक बार फिर से गरमा गया है सच्चाई यह है कि सेक्युलर राजनीतिक दल मुलसमानों की चिंता स़िर्फ चुनाव के दौरान करते हैं हर बार यही होता है कि सेकुलर पार्टियां मुसलमानों का वोट बटोरने के लिए चुनाव के दौरान मुसलमानों से जुड़े मुद्दों को उठाती हैं और चुनाव के बाद भूल जाती हैं मुसलमान ठगा सा महसूस करते हैं राजनीतिक दलों की अपनी मजबूरी हो सकती है इन्हीं सब को देखते हुए पीस पार्टी मुस्लिम आरक्षण के लिए लगातार संघर्ष कर रही है पीस पार्टी का कहना है कि देश की तरक्की के लिए मुसलमानों को आरक्षण की सख्त ज़रूरत है जो कि रंगनाथ मिश्र और सच्चर कमेटी की रिपोर्ट में साफ साफ जाहिर होता है कि गुजिश्ता सालो में मुसलमानों कि बद से बदतर हो गई है मुस्लिम आरक्षण के लिए आज प्रदेश भर में पीस पार्टी ने प्रदेश भर में भूख हड़ताल व धरना प्रदर्शन किया और जिला अधिकारियों को ज्ञापन दिया!पीस पार्टी ने रंगनाथ मिश्रा व सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने के लिए आज एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया! सरकारें आती और जाती है लेकिन सभी सरकारों में मुसलमानों कि उपेक्षा होती रही है ये समाज दिन ब दिन मुख्य धारा से पीछे हो रहा है और इस समाज की हालत दलितों से भी बदतर होती जा रही है!पीस पार्टी के लोगो का कहना है कि 10 अगस्त 1950 को पंडित जवाहर लाल नेहरू ने एक अध्यादेश लाकर धारा 341लगा दिये जिससे दलित मुसलमानों का आरक्षण खत्म कर दिया गया पीस पार्टी मांग करती है की धारा 341 हटाया जाय जिस तरह से हिन्दू धोबी मोची को अनुसूचित जाति का आरक्षण मिलता है उसी तरह मुस्लिम धोबी मोची को भी मिलना चाहिए या जो अनुसूचित जाति हिन्दू धर्म को छोड़ कर मुस्लिम धर्म अपनाते हैं उन लोगो को भी अनुसूचित जाति का लाभ मिलना चाहिए क्योंकि धर्म बदलने की वजह से किसी एक समाज के साथ भेदभाव और दोहरा माप दंड देश की तरक्की को बाधित होगा!

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here