स्वर्ण व्यापारियो की कड़ी मेहनत भेज रही है नगर वासियो को परलोक

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शमशी अज़ीज़
स्वर्ण व्यापारियो की कड़ी मेहनत भेज रही है नगर वासियो को परलोक
जौनपुर ✍ उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश सरकार जिस प्रकार प्राकृतिक संतुलन बनाये रखने के लिये योगी जी ने स्वयं अपने हाथों से लाखो वृक्षो का रोपण किया जिससे पर्यावरण शुद्ध हो सके जो मानव व जीव जंतु के जीवन के लिये अतिआवश्यक भी है परंतु शासन के इस परिश्रम को जौनपुर नगर में विफल होते देखा जा रहा है यहाँ जिस प्रकार प्रदूषण दिन प्रतिदिन फैल रहा है जिससे जन वासी व जीव जंतुओं को भी दम घोटू जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है आज जिस प्रकार नगर में वाहन,भट्टियां,चिमनिया,जैसी प्रदूषण की समस्या से नगर जूझ रहा है यूँ तो इस संदर्भ में पत्रकार बन्धु व समाज सुधारक द्वारा निरंतर आला अधिकारियों को सूचित किया करते है परंतु आज तक न तो कोई कार्यवाही देखी गयी न ही पर्यावरण को प्रदूषित करने वालो पर नियम व कानून का तबला ही बजा इससे तो यही प्रतीत होता है कि प्रदूषण फैलाने वाले स्वर्ण व्यापारी मानक के विपरीत होते हुए भी अपनी स्वेच्छा अनुरूप कार्य करते जा रहे है जिसका मूल कारण प्रशासन की अनदेखी है जिससे सभी कार्यवाही केवल कागजो तक ही सीमित रह जाती है बड़े आश्चर्य की बात है कि धातुओं को गलाने वाली भट्टियां पतली पतली गलियों में व अधिक आबादी वाले क्षेत्र में ही दिखती है जबकि ऐसी भट्टियां नगर से बाहर,खुली जगह, व आबादी क्षेत्र से दूर होना चाहिये जिसकी ऊंचाई भी मानक के अनुरूप ही होना चाहिये अन्यथा प्रदूषण यूँही फैलता रहेगा आज जिस प्रकार स्वर्ण व्यापारी अपने लाभ के लिये सोना व चाँदी जैसे धातुओं को गलाने के लिये भट्टियों का उपयोग कर रहे है जिससे निकलने वाले गंध व धुंआँ से अस्थमा,चर्म रोग, खाँसी,दमा,इत्यादि जैसे बीमारियां अत्यधिक फैलती जा रही है चिमनियों से निकलने वाली विषैली हवा व धुंआँ मानव जीवन के जीवन की डोर को काटता ही जा रहा है परंतु सर्राफा व्यवसाय इससे अनभिज्ञ है जिससे वे अपने व्यवसाय के प्रति सजग न होते हुए बिना लाइसेंस लिये अपने ही स्थान पर छोटी चिमनिया लगा कर कार्य करते जा रहे ऐसे अवैध कार्यो का मुख्य स्थान हनुमान घाट ताड़तला चहारसू चौराहा कोतवाली चौराहा इत्यादि है जहाँ प्रतिदिन करोड़ो के व्यापार का आदान प्रदान होता रहता है परंतु प्रशासन इस विषय पर गम्भीरता से कार्य नही कर रहा है सूत्रों से ज्ञात भी होता रहता है कि ऐसे स्थानों के व्यापार से प्रशासनिक अधिकारियों को अधिक लाभ पहुचाया जाता है जिससे प्रशासन लाभान्वित होकर निशब्द होता जा रहा है।
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संवाददाता लखनऊlive

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